Adi Shankaracharya Jayanti 2026: आदि शंकराचार्य के 10 मोटिवेशनल कोट्स, इसमें छिपा है सुखी जीवन का रहस्य

<p style=”text-align: justify;”><strong>Adi Shankaracharya Motivational Quotes:</strong> 21 अप्रैल को आदिगुरु शंकराचार्य जयंती है. आदि शंकराचार्य 8वीं शताब्दी के महान दार्शनिक, संत और वेदांत के आचार्य थे, &nbsp;जिन्होंने अद्वैत वेदांत (एकत्व का सिद्धांत) को स्थापित और लोकप्रिय बनाया. &nbsp;शंकराचार्य ने कम उम्र में ही पूरे भारत का भ्रमण कर हिंदू धर्म को नई दिशा दी, जब विभिन्न मतों और भ्रमों के कारण एकता कमजोर हो रही थी. उन्होंने वेदों और उपनिषदों के गूढ़ ज्ञान को सरल भाषा में समझाकर लोगों को धर्म का वास्तविक स्वरूप बताया और सनातन धर्म को पुनर्जीवित किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उनका अद्वैत सिद्धांत हमें एकता, शांति और आत्म-जागरूकता का मार्ग दिखाता है, जो आधुनिक जीवन के तनाव और भ्रम के बीच भी संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. यहां देखें आदि शंकराचार्य के कुछ अनमोल विचार जो व्यक्ति को मोह माया से दूर रहकर परम सत्य से अवगत कराते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”0″ data-end=”160″><strong data-start=”0″ data-end=”28″>1. इंद्रिय संयम का महत्व</strong><br data-start=”28″ data-end=”31″ />आंखों को संसार की चीजों की ओर आकर्षित नहीं होने देना चाहिए. खुद को मोह, क्रोध, लालच जैसी बुराइयों से बचाए रखना ही आत्म संयम है.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”162″ data-end=”337″><strong data-start=”162″ data-end=”194″>2. आत्मा का स्वप्रकाश स्वरूप</strong><br data-start=”194″ data-end=”197″ />एक जलते हुए दीपक को चमकाने के लिए दूसरे दीपक की आवश्यकता नहीं होती. ठीक इसी तरह आत्मा जो खुद ज्ञान है, उसे किसी और ज्ञान की जरुरत नहीं है.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”339″ data-end=”475″><strong data-start=”339″ data-end=”367″>3. माया और संसार का भ्रम</strong><br data-start=”367″ data-end=”370″ />यह संसार माया का परिणाम है, जो सत्य जैसा लगता है लेकिन अंतिम सत्य नहीं है. यह ब्रह्म के ऊपर एक भ्रम है.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”477″ data-end=”575″><strong data-start=”477″ data-end=”506″>4. आनंद का वास्तविक रहस्य</strong><br data-start=”506″ data-end=”509″ />हमें आनंद तब ही मिलता है जब हम आनंद की खोज नहीं कर रहे होते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”577″ data-end=”773″><strong data-start=”577″ data-end=”606″>5. ब्रह्म ही एकमात्र सत्य</strong><br data-start=”606″ data-end=”609″ />शंकराचार्य मानते हैं कि संसार में ब्रह्म ही सत्य है. बाकी सब मिथ्या है. जीव केवल अज्ञान के कारण ही ब्रह्म को नहीं जान पाता जबकि ब्रह्म तो उसके ही अंदर विराजमान है</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”775″ data-end=”957″><strong data-start=”775″ data-end=”798″>6. ज्ञान बनाम ग्रंथ</strong><br data-start=”798″ data-end=”801″ />ग्रंथों को पढ़ने का तब तक कोई मतलब नहीं है जब तक कि हम उनसे ज्ञान प्राप्त न कर सकें. अगर हमें ज्ञान प्राप्त हो जाए तो ग्रंथों को पढने की जरुरत ही नहीं है.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”959″ data-end=”1086″><strong data-start=”959″ data-end=”992″>7. सत्य की जिज्ञासा का प्रभाव</strong><br data-start=”992″ data-end=”995″ />जब मन में सच जानने की जिज्ञासा पनप जाती है, तब दुनियाभर की सभी चीजें अर्थहीन हो जाती हैं. धन, लोगों, सम्बन्धियों और मित्रों, या यौवन पर अभिमान मत करो. पलक झपकते ही ये सब समय के साथ छीन लिया जाता है. इस मायावी संसार को त्याग कर परमात्मा को जानो और प्राप्त करो.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”1088″ data-end=”1258″><strong data-start=”1088″ data-end=”1108″>8. मोह का स्वभाव</strong><br data-start=”1108″ data-end=”1111″ />मोह एक सपने की तरह ही है. ये तब तक ही सच लगता है जब तक कि हम अज्ञान की नींद में सो रहे होते हैं. जब अज्ञान दूर होता है तो मोह भी खत्म हो जाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”1260″ data-end=”1385″><strong data-start=”1260″ data-end=”1282″>9. सत्य की परिभाषा</strong><br data-start=”1282″ data-end=”1285″ />सत्य की कोई भाषा नहीं होती. सत्य की बस इतनी ही परिभाषा है की जो सदा था, जो सदा है और जो सदा रहेगा.</p>
<p style=”text-align: justify;” data-start=”1387″ data-end=”1481″><strong data-start=”1387″ data-end=”1412″>10. कृतज्ञता का महत्व</strong><br data-start=”1412″ data-end=”1415″ />मंदिर वही पहुंचता है जो धन्यवाद कहना जानते है सिर्फ मांगना नहीं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>&nbsp;</p>

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get free tips and resources right in your inbox, along with 10,000+ others

Categories