Hanuman Jayanti 2026: क्या मई में भी है हनुमान जयंती ? पंचांग से जानें

<p style=”text-align: justify;”><strong>Telgu Hanuman Jayanti 2026:&nbsp; </strong>पंचांग के अनुसार हिंदू धर्म में हनुमान जयंती तीन बार मनाई जाती है. उत्तर भारतीय राज्यों में चैत्र पूर्णिमा की हनुमान जयन्ती सर्वाधिक लोकप्रिय है लेकिन पंचांग के अनुसार 12 मई 2026 को तेलुगु हनुमान जयंती मनाई जाएगी. आंध्र, तेलंगाना और तेलुगु क्षेत्र में हनुमान जी का जन्मदिन ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. दक्षिण भारत में हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है, इसका महत्व भी जान लें.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>तेलुगु हनुमान जयंती 2026 मुहूर्त</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि 11 मई 2026 को दोपहर 3.24 पर शुरू होगी और अगले दिन 12 मई 2026 को दोपहर 2.52 पर समाप्त होगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>तुलुगु हनुमान जयंती की दीक्षा प्रारंभ 2 अप्रैल को हुई थी और 41 दिन के बाद 12 मई को इसका समापन होगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>दक्षिण भारत से हनुमान जी का संबंध</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>रामायण में कहा गया है कि हम्पी (कर्नाटक) स्थित अंजनाद्रि पर्वत पर वानरराज केसरी की पत्नी माता अंजना ने कठोर तपस्या की थी, जिसके फलस्वरूप उनके पुत्र मारुति का जन्म हुआ. यहां हनुमान जी को भक्ति, साहस और संकटमोचन के रूप में पूजा जाता है. ये पर्व आत्मबल, संयम और सेवा भाव को बढ़ाने का संदेश देता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दक्षिण भारत में उन्हें कई अलग-अलग नामों से पुकारा जाता है. अंजनाद्रि में वे &lsquo;मारुति&rsquo;, अर्थात् पवन देव के पुत्र, माने जाते हैं. कन्नड़-भाषी क्षेत्रों में वे &lsquo;हनुमन्था&rsquo; और &lsquo;आंजनेय&rsquo; कहलाते हैं, जबकि तेलुगू-भाषी उन्हें &lsquo;हनुमंतुडु&rsquo; और &lsquo;आंजनेयुडु&rsquo; कहते हैं. तमिल परंपरा में वे &lsquo;आंजनेयार&rsquo; के नाम से प्रसिद्ध हैं</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>तेलुगु हनुमान जयंती पूजा विधि</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li>सुबह स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लिया जाता है</li>
<li>हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है</li>
<li>हनुमान जी को चोला, सिंदूर, पान के पत्ते और गुड़-चना अर्पित किए जाते हैं</li>
<li>मंदिरों में भजन-कीर्तन और शोभायात्राएं निकाली जाती हैं</li>
<li>कई भक्त 41 दिन की दीक्षा पूरी कर इस दिन विशेष पूजा करते हैं</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”><strong>रखें इन बातों का ध्यान</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li>कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि हनुमान जी की पूजा में कभी भी चरणामृत का प्रयोग नहीं किया जाता है. इसलिए पूजा के वक्त ऐसा करने से बचें.</li>
<li>हनुमान जयंती के व्रत वाले दिन नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.&nbsp;</li>
<li>हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी होने की वजह से स्त्रियों के स्पर्श से दूर रहते थे. ऐसे में पूजा के दौरान स्त्रियों को हनुमान जी को स्पर्श नहीं करना चाहिए.</li>
<li>हनुमान शांति प्रिय आसानी से प्रसन्न होने वाले देव हैं. इसलिए घर में बिल्कुल भी कलह ना करें. अशांति से शनि प्रकोप बढ़ सकता है.</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”><strong>भारत में कब-कब मनाई जाती है हनुमान जयंती</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li><strong>उत्तर भारत में हनुमान जयन्ती -</strong> अधिकांश उत्तर भारतीय राज्यों में, हनुमान जयन्ती चैत्र पूर्णिमा के दौरान मनायी जाती है.<strong> (2 अप्रैल 2026)</strong></li>
<li><strong>तमिलनाडु में हनुमान जयन्ती -</strong> तमिलनाडु में, हनुमान जयन्ती को हनुमथ जयन्थी के रूप में मार्गशीर्ष अमावस्या पर मनाया जाता है. <strong>(7 जनवरी 2027)</strong></li>
<li><strong>आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में हनुमान जयन्ती -</strong> आन्ध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में, हनुमान जयन्ती 41 दिनों तक मनायी जाती है जो चैत्र पूर्णिमा से आरम्भ होती है तथा ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष के समय दसवें दिन समाप्त होती है. आन्ध्र प्रदेश में भक्तगण चैत्र पूर्णिमा पर 41 दिवसीय दीक्षा आरम्भ करते हैं तथा हनुमान जयन्थी के दिन इसका समापन करते हैं. <strong>(12 मई 2026)</strong></li>
<li><strong>कर्णाटक में हनुमान जयन्ती -</strong> कर्णाटक में, हनुमान जयन्ती मार्गशीर्ष माह के समय शुक्ल पक्ष त्रयोदशी को मनायी जाती है. यह दिन हनुमान व्रतम् के नाम से अत्यधिक लोकप्रिय है. <strong>(22 दिसंबर 2026)</strong></li>
<li><strong>उड़ीसा में हनुमान जयन्ती -</strong> उड़ीसा में, हनुमान जयन्ती विशुभ संक्रान्ति के समय मनायी जाती है जिसे अन्य कैलेण्डरों में <a title=”मेष” href=”https://www.abplive.com/astro/horoscope/aries-daily-rashifal” data-type=”interlinkingkeywords”>मेष</a> संक्रान्ति के रूप में भी जाना जाता है.</li>
</ul>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”Narasimha Jayanti 2026: आज नरसिंह जयंती, सुबह नहीं शाम को इस मुहूर्त में करें पूजा, देखें विधि” href=”https://www.abplive.com/lifestyle/religion/narasimha-jayanti-2026-date-shubh-muhurat-vrat-puja-vidhi-mantra-mahatva-3109609″ target=”_self”>Narasimha Jayanti 2026: आज नरसिंह जयंती, सुबह नहीं शाम को इस मुहूर्त में करें पूजा, देखें विधि</a></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&nbsp;<span class=”skimlinks-unlinked”>ABPLive.com</span> किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.&nbsp;</strong></p>

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