9-0 से चीनी J-10C फाइटर जेट से यूरोफाइटर को शिकस्त मिलने का दावा, ड्रैगन फिर फैला रहा झूठ, पढ़ें पूरी स्टोरी

<p style=”text-align: justify;”>चीन के जे-10सी फाइटर जेट ने कतर एयरफोर्स के यूरोफाइटर जेट को 9-0 से शिकस्त दी. चीनी सरकारी न्यूज चैनल सीसीटीवी ने ये दावा किया है. चीनी मीडिया की ओर ये नहीं बताया गया है कि ये एक्सरसाइज किस तरह की थी. बता दें कि इससे पहले जनवरी में पाकिस्तानी मीडिया ने दावे किए थे कि उनके एयरफोर्स ने कतर एयरफोर्स के यूरोफाइटर विमानों को 9-0 से हराया है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>जनवरी माह में कतर में ‘जिलजाल-II’ नाम से एयरफोर्स एक्सरसाइज का आयोजन किया गया था. माना जा रहा है कि चीन जो पिछले साल से ही अपने फाइटर जेट बेचने की कोशिश कर रहा है और उसके लिए प्रोपेगेंडा फैला रहा है. सीसीटीवी का दावा भी उसी का हिस्सा है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>जे-10सी को लेकर पहले भी दावे कर चुका है चीन</strong><br />बता दें कि पिछले साल भारत-पाकिस्तान जंग के दौरान चीन ने जे-10सी को लेकर दावा किया था कि उसने राफेल को मात दी है लेकिन अभी तक दुनिया के किसी भी देश ने चीनी लड़ाकू विमान पर भरोसा नहीं किया है. वहीं दूसरी ओर 1 साल में भारतीय ब्रह्मोस मिसाइल की क्षमता पर वियतनाम और मलेशिया जैसे देशों ने ना सिर्फ भरोसा जताया है बल्कि वियतनाम ने तो ब्रह्मोस डील भी कर ली है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>मिलते जुलते हैं राफेल और यूरोफाइटर</strong><br />राफेल और यूरोफाइटर आपस में काफी मिलते-जुलते जेट हैं जिनकी क्षमताएं भी काफी हद तक एक जैसी हैं. चीन लगातार इन दोनों विमानों को लेकर फर्जी कहानियां फैलाता आ रहा है ताकि वो अपने लड़ाकू विमान बेच सके लेकिन अभी तक पाकिस्तान के अलावा किसी भी और देश ने चीनी लड़ाकू विमान नहीं खरीदा है. कतर यूरोफाइटर के Tranche 3A और Tranche 4 वेरिएंट का इस्तेमाल करता है जो काफी एडवांस वैरिएंट है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/jGXI2Yzcy98?si=PvBk0bM5gMkKQ1_9″ width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>चीन की फर्जी रिपोर्ट्स&nbsp;</strong><br />यूरोफाइटर्स ने अगर पुराने Captor मैकेनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार का इस्तेमाल किया होता तो J-10C से बियॉन्ड विज़ुअल रेंज जबरदस्त जीत की उम्मीद की जा सकती थी लेकिन उसके नये रडार से चीनी लड़ाकू विमान की जीत की उम्मीद करना काफी मुश्किल है. ये रडार काफी ज्यादा एडवांस है इसीलिए पूरी संभावना है कि चीन फर्जी रिपोर्ट्स फैला रहा है और ये उसके प्रोपेगेंडा का ही हिस्सा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रिपोर्ट्स के मुताबिक हवा में दबदबा बनाने, रफ्तार, हथियारों के वजन और युद्ध क्षमता में यूरोफाइटर टाइफून तकनीक और ताकत के मामले में चीन के J-10C से बहुत आगे है. इसीलिए चीन और पाकिस्तान मिलकर कभी राफेल को लेकर फर्जी रिपोर्ट्स फैलाते हैं तो कभी यूरोफाइटर को लेकर झूठी कहानियां बनाते हैं.</p>
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