<p style=”text-align: justify;”><strong>Welcome to the jungle Movie Review:</strong> ये फिल्म बिल्कुल वैसी है जैसी इससे उम्मीद थी और जैसी इस तरह की फिल्मों को होना चाहिए, ये फिल्म एक ही चीज पर फोकस करती है और वो है एंटरटेनमेंट, इस तरह की फिल्मों में लॉजिक ढूंढना अपने आप में इलॉजिकल है, ये फिल्म आपको जमकर हंसाती है, इतने सारे सितारों को एक साथ देखना अपने आप में सिनेमा का सेलिब्रेशन है और ये फिल्म सिनेमा को सेलिब्रेट करती है, ये फिल्म खुद अपना मजाक उड़ाती है ताकि किसी और को मौका न मिले और ऐसा करते हुए ये खूब एंटरटेन करती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कहानी-</strong> एक प्रोड्यूसर टैक्स बचाने के लिए 2000 करोड़ की फिल्म बनाने की कोशिश करता है, वो कुछ एक्टर इकट्ठे करता है लेकिन शूटिंग के बीच में ही उस पर इनकम टैक्स की रेड हो जाती है और फिर इन्हें 1 दिन में एक असली गांव में जाकर फिल्म शूट करनी पड़ती है फिर क्रिएट होता है. कंफ्यूजन और होता है घमासान आगे की कहानी क्या है ये जानने के लिए आपको थिएटर जाना पड़ेगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कैसी है फिल्म-</strong> ये एक एंटरटेनिंग फिल्म है, जो शुरू से एंड तक आपको एंटरटेन करती है इस तरह की फिल्में दिमाग फ्रिज में रखकर देखी जाती हैं अगर ट्रेलर देखने के बाद भी आप दिमाग साथ में लेकर के गए हैं और इस फिल्म की सिचुएशंस पर या इस फिल्म की कॉमेडी पर सवाल उठा रहे हैं तो फिर क्या ही कहा जाएगा, ये एक रिव्यू प्रूफ फिल्म है, जो खुद ही अपना मजाक उड़ाती है और कहती है धुरंधर से बेहतर कुछ नहीं, ये फिल्म एक ब्रेन रॉट कॉमेडी है यहाँ सिचुएशंस क्रिएट की जाती हैं कन्फ्यूजन क्रिएट किया जाता है कहीं कहीं ये कन्फ्यूजन आपको खूब हंसाता है तो कहीं कहीं हंसी थोड़ी सी कम भी आती है लेकिन जब स्क्रीन पर इतने सारे एक्टर्स होते हैं तो देखने में मज़ा आता है क्योंकि आजकल इस तरह की मल्टी स्टार कास्ट वाली फिल्में कम बनती हैं और जब आप अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, परेश रावल जैसे एक्टर्स को एक साथ देखते हैं तो हेरा-फेरी की यादें भी ताज़ा हो जाती हैं बीच-बीच में आपको अच्छे-अच्छे गाने सुनाई देते हैं जो आपका मूड फ्रेश कर देते हैं, इंटरवल बहुत मजेदार है, थिएटर से बाहर जाते दर्शकों को अक्षय रोक लेते हैं , इस फिल्म में सबने अपना खूब मजाक उड़वाया है, खासकर अक्षय ने, यह सब ओवर द टॉप एक्टिंग करते हैं और यही इस फिल्म का मजा है, फिल्म में कई बड़ी फिल्मों के सीन्स कॉपी किए गए हैँ या कह लीजिए उनका स्पूफ बनाया गया है, देखिए इस तरह की फिल्मों को सिर्फ और सिर्फ एंटरटेनमेंट के लेवल पर आँका जाना चाहिए इस तरह की फिल्में कोई मैसेज नहीं देती हैं इस तरह की फिल्में कोई समाज में क्रांति नहीं लाती हैं इस तरह की फिल्में सिर्फ फैमिली के साथ जाकर एंजॉय करने के लिए होती हैं और वो काम ये फिल्म बखूबी करती है और बड़े अच्छे से करती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>एक्टिंग-</strong> अक्षय कुमार पूरी फॉर्म में नजर आते हैं. वो अपना मजाक उड़वाने में भी पीछे नहीं हटते. उन्हें खुद को फ्लॉप स्टार कहलवाने में भी कोई एतराज़ नहीं है. इस फिल्म में उन्होंने कॉमिक पंचेज़ डालने में अपनी पूरी जान लगा दी है और यहां आपको पुराने वाले अक्षय कुमा की झलक देखने को मिलती है. सुनील शेट्टी का काम भी बेहद मजेदार है. उनकी कॉमिक टाइमिंग जबरदस्त है और कई मौकों पर वो खूब हंसाते हैं. परेश रावल हमेशा की तरह कमाल हैं, राजपाल यादव के साथ उनकी जोड़ी है देव दास जो ये फिल्म डायरेक्ट करते हैं. सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार और परेश रावल को एक साथ स्क्रीन पर देखना अपने आप में एक ट्रीट है. इनकी केमिस्ट्री आपको ‘हेरा फेरी’ की याद दिला देती है. जैकी श्रॉफ ने भी शानदार काम किया है. कई जगहों पर उनकी मौजूदगी और अंदाज दर्शकों को खूब हंसता है. रवीना टंडन का किरदार भी काफी मजेदार है. अक्षय कुमार और रवीना टंडन को एक साथ स्क्रीन पर देखना अपने आप में एक अलग ही आनंद देता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अरशद वारसी की कॉमिक टाइमिंग पर वैसे भी किसी को शक नहीं होता और यहां भी उन्होंने अपनी कॉमेडी से प्रभावित किया है, फिल्म की हीरोइनों की बात करें तो जैकलीन, दिशा पाटनी और लारा दत्ता ने भी अच्छा काम किया है और अपने-अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है, फरीदा जलाल ने कमाल का काम किया है, वो अलग तरह से कॉमेडी करती है, किरण कुमार कमाल उर्दू बोलते हैं और उनका किरदार बहुत मजेदार है, जैकी श्रॉफ ने जतारा नाम के विलेन का रोल कमाल तरीके से निभाया है, इसके अलावा फिल्म में और भी कई कलाकार हैं. स्टारकास्ट इतनी बड़ी है कि हर किसी के हिस्से में स्क्रीन स्पेस कम आया है, लेकिन कम समय में अपनी छाप छोड़ना भी एक बड़ी चुनौती होती है. अच्छी बात यह है कि लगभग सभी कलाकार इस चुनौती पर खरे उतरते हैं और अपने किरदारों को यादगार बनाने में सफल रहते हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>राइटिंग और डायरेक्शन-</strong> फिल्म की कहानी नीरज वोरा ने लिखी है, जिसे उन्होंने कई साल पहले तैयार किया था. कहानी काफी बढ़िया है और इसे दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है डायलॉग्स फरहाद सामजी के हैं, जिनमें अच्छा पंच देखने को मिलता है. कहीं-कहीं फिल्म आपको खूब हंसाती है, तो कुछ जगहों पर डायलॉग्स थोड़े हल्के भी लगते हैं. लेकिन कुल मिलाकर फिल्म के माहौल और फील के साथ ये डायलॉग्स काफी मज़ेदार लगते हैं, अहमद खान का डायरेक्शन अच्छा है. उन्होंने इतनी बड़े स्टारकास्ट को बहुत अच्छे तरीके से मैनेज किया है और हर कलाकार से उनका बेस्ट निकलवाने की पूरी कोशिश की है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रेटिंग – 3.5 स्टार्स</p>






Total views : 13758
Your IP Address : 216.73.216.26