Devshayani Ekadashi 2026: एकादशी की रात तकिए के नीचे छुपा दें ये 1 मामूली चीज, 4 महीने तक घर के आसपास भी नहीं भटकेगी कंगाली!

<p style=”text-align: justify;”><strong>Devshayani Ekadashi 2026:</strong><span style=”font-weight: 400;”> सनातन धर्म में </span>देवशयनी एकादशी<span style=”font-weight: 400;”> का विशेष महत्व माना जाता है. वर्ष </span>2026 में देवशयनी एकादशी 25 जुलाई<span style=”font-weight: 400;”> को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन से भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है. इस दौरान पूजा-पाठ, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष फल मिलने की मान्यता है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>इसी वजह से देवशयनी एकादशी पर कई तरह के धार्मिक उपाय भी किए जाते हैं. इन्हीं में एक उपाय तकिए के नीचे </span>हल्दी की गांठ<span style=”font-weight: 400;”> रखने का भी बताया जाता है. हालांकि, यह किसी धर्मग्रंथ में अनिवार्य नियम के रूप में नहीं बताया गया है, बल्कि इसे लोकमान्यताओं और कुछ ज्योतिषीय परंपराओं से जुड़ा उपाय माना जाता है.</span></p>
<p><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/03BPFzjgFMc?si=RNpPMv-njDQLoN4R” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>तकिए के नीचे हल्दी की गांठ रखने की मान्यता</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हल्दी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है. माना जाता है कि देवशयनी एकादशी की रात पूजा करने के बाद एक साफ पीले कपड़े में हल्दी की गांठ बांधकर तकिए के नीचे रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>अगले दिन इस हल्दी की गांठ को अपनी तिजोरी, धन रखने के स्थान या पूजा घर में रख दिया जाता है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”>एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा का कहना है<span style=”font-weight: 400;”> कि देवशयनी एकादशी भगवान विष्णु की आराधना का अत्यंत शुभ दिन माना जाता है. इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है. </span></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>हल्दी की गांठ जैसे उपाय धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं से जुड़े हैं, जिन्हें आस्था के साथ किया जाता है. हालांकि, केवल उपायों के भरोसे रहने के बजाय कर्म, अनुशासित जीवन और धन का सही प्रबंधन भी समृद्धि के लिए उतना ही आवश्यक माना जाता है.</span></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>देवशयनी एकादशी पर कैसे करें यह उपाय?</strong></h3>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>सुबह स्नान करके भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करें.</span></li>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>पीले फूल, तुलसी दल और पीले वस्त्र अर्पित करें.</span></li>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>विष्णु सहस्रनाम या </span>’ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'<span style=”font-weight: 400;”> मंत्र का जाप करें.</span></li>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>रात में एक साफ पीले कपड़े में हल्दी की गांठ बांधें.</span></li>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>इसे तकिए के नीचे रखकर भगवान विष्णु से सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.</span></li>
<li style=”font-weight: 400;” aria-level=”1″><span style=”font-weight: 400;”>अगले दिन इसे तिजोरी या पूजा स्थान पर रख दें.</span></li>
</ul>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>क्या सच में कंगाली दूर हो जाती है?</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>धार्मिक मान्यताओं में ऐसे उपायों को </span>श्रद्धा और आस्था<span style=”font-weight: 400;”> से जोड़कर देखा जाता है. इनका उद्देश्य व्यक्ति में सकारात्मक सोच, अनुशासन और ईश्वर के प्रति विश्वास बनाए रखना होता है. आर्थिक स्थिति केवल किसी एक उपाय से नहीं बदलती, बल्कि मेहनत, सही निर्णय और धन के सही प्रबंधन का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है.</span></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>देवशयनी एकादशी का महत्व</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं. इसके बाद चार महीने तक विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य सामान्यतः नहीं किए जाते. इस अवधि में पूजा, जप, तप, व्रत और दान का विशेष महत्व माना गया है.</span></p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>FAQ</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”><strong>2026 में देवशयनी एकादशी कब है?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में </span>देवशयनी एकादशी 25 जुलाई<span style=”font-weight: 400;”> को मनाई जाएगी.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>देवशयनी एकादशी की रात तकिए के नीचे क्या रखा जाता है?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>कुछ धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय परंपराओं के अनुसार, पीले कपड़े में बंधी </span>हल्दी की गांठ<span style=”font-weight: 400;”> तकिए के नीचे रखने का उपाय किया जाता है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या यह उपाय धर्मग्रंथों में अनिवार्य बताया गया है?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>नहीं. यह उपाय मुख्य रूप से लोकमान्यताओं और कुछ ज्योतिषीय परंपराओं से जुड़ा माना जाता है. इसे धर्मग्रंथों का अनिवार्य नियम नहीं माना जाता.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हल्दी की गांठ का क्या महत्व माना जाता है?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>हल्दी को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का प्रिय माना जाता है. इसे शुभता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है.</span></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>देवशयनी एकादशी से कौन-सा धार्मिक काल शुरू होता है?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><span style=”font-weight: 400;”>देवशयनी एकादशी से </span>चातुर्मास<span style=”font-weight: 400;”> की शुरुआत होती है, जो लगभग चार महीने तक चलता है.</span></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें-&nbsp;<a href=”https://www.abplive.com/astro/vastu-shastra/vastu-tips-glass-breaking-at-home-good-or-bad-sign-3163868″>Vastu Tips: घर में बार-बार कांच टूट रहा है? इसे नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी</a></strong></p>
<p><strong>Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि&nbsp;<span class=”skimlinks-unlinked”>ABPLive.com</span>&nbsp;किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.</strong></p>

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *