‘BRICS समिट के दिन ही क्यों रखी सुनवाई?’, TMC ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

<p style=”text-align: justify;”>पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार (11 सितंबर, 2026) को पार्टी के संगठनात्मक विवाद के मुद्दे को लेकर <a href=”https://www.abplive.com/search?s=election-commission” target=”_blank” rel=”noopener”>चुनाव आयोग</a> (ECI) की सुनवाई की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए हैं. पार्टी ने कहा कि शनिवार (12 सितंबर, 2026) को आयोजित होने वाले ब्रिक्स समिट के बीच सुनवाई की टाइमिंग को तय करना पूरी तरह से सुनियोजित और दुर्भावना के साथ उठाया गया कदम लगता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि <a href=”https://www.abplive.com/search?s=tmc” target=”_blank” rel=”noopener”>तृणमूल कांग्रेस</a> की संस्थापक अध्यक्ष ममता बनर्जी ही तृणमूल हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बैठक की टाइमिंग पर टीएमसी ने क्या कहा</strong><strong>?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए साकेत गोखले ने कहा, &lsquo;यह बैठक शनिवार (12 सितंबर) को हो रही है और पहली बार ऐसा हो रहा है कि यह मीटिंग मेन ऑफिस में भी नहीं हो रही, जबकि राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट चल रहा है. क्या यह सिर्फ इत्तेफाक है? मीटिंग का वक्त पूरी तरह से सुनियोजित और संदिग्ध लगता है, लेकिन चुनाव आयोग एक उच्च संवैधानिक संस्था है, इसलिए हम बैठक में शामिल होंगे.&rsquo;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बागी विधायकों को आयोग की तरफ से बुलाने पर बोले गोखले&nbsp;</strong></p>
<p><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/UyTHrNMbkrY?si=boMQdHBuyonAwb3O” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सिर्फ विधायी समूहों के बीच दावों की प्रतिस्पर्धा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. चुनाव आयोग ने उन गद्दारों को भी बुलाया है. ये वो लोग है, जिन्होंने चुनाव आयोग से मिले एक भी नोटिस का कभी जवाब नहीं दिया. उन्होंने सिर्फ चुनाव आयोग की समयसीमा को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार मोहलत मांगी है. उनमें कोई ठोस बात नहीं है. उनकी राय के बारे में एक बात तक नहीं है. उन्होंने सिर्फ नई तारीखें मांगने के लिए लिखा है.&rsquo;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>हमें संविधान पर भरोसा है- गोखले</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>गोखले ने कहा, &rsquo;10वीं अनुसूची का प्रावधान पूरी तरह से स्पष्ट है. संसदीय/विधायी दल और मुख्य राजनीतिक पार्टी के बीच बड़ा अंतर होता है. हमारा मानते हैं कि यह मामला पूरी तरह से सीधा है. तृणमूल की संस्थापक अध्यक्ष ममता बनर्जी ही तृणमूल हैं.&rsquo;</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा, &lsquo;संविधान ने चार रेफ्री (निर्णायकों) को जिम्मेदारी सौंपी है, इसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष, लोकसभा अध्यक्ष, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट शामिल है और हमें संविधान पर भरोसा है.&rsquo;&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>यह भी पढ़ेंः <a href=”https://www.abplive.com/news/india/supreme-court-raised-questions-and-strictly-directs-fssai-to-impose-warning-labels-on-packed-food-products-ann-3187519″>SC ने FSSAI से पूछे कई सवाल, कहा- &lsquo;पैक्ड फूड पर जल्द लगाए जाए वॉर्निंग लेबल&rsquo;</a><br /></strong></p>

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