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शरद पूर्णिमा 2026: इन पांच चीजों का दान करना माना जाता है शुभ, मां लक्ष्मी की कृपा से घर में आएगी सुख-समृद्धि

धर्म और अध्यात्म 23 अक्टू॰ 2026 · 01:44 ISTलेखक: Adesh Gupta
शरद पूर्णिमा 2026: इन पांच चीजों का दान करना माना जाता है शुभ, मां लक्ष्मी की कृपा से घर में आएगी सुख-समृद्धि

हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है। इस अवसर पर चंद्रमा को अर्घ्य देने और मां लक्ष्मी की आराधना करने की परंपरा है। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर जरूरतमंदों को कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से पुण्य मिलता है और घर में सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। आइए जानते हैं इस दिन किन 5 चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। शरद पूर्णिमा पर इन 5 चीजों का करें दान 1. सफेद वस्त्रों का दान शरद पूर्णिमा पर सफेद कपड़े दान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में सफेद रंग को शांति, पवित्रता और चंद्रमा से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद व्यक्ति या ब्राह्मण को सफेद वस्त्र भेंट कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे पुण्य की प्राप्ति होती है। 2. चावल, दूध और चीनी का दान शरद पूर्णिमा पर खीर बनाने और उसे चांदनी में रखने की परंपरा प्रचलित है। इसी वजह से चावल, दूध और चीनी जैसी सामग्री का दान करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धापूर्वक किया गया दान पुण्य प्रदान करता है। 3. चांदी के बर्तनों का दान ज्योतिषीय मान्यताओं में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। इसलिए शरद पूर्णिमा पर सामर्थ्य के अनुसार चांदी या सफेद धातु से बनी वस्तुओं का दान करना शुभ समझा जाता है। इसे मानसिक शांति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना से जोड़कर देखा जाता है। 4. सफेद मिठाई और फलों का दान इस पावन तिथि पर जरूरतमंदों को मिठाई और मौसमी फल देना भी अच्छा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, खाद्य पदार्थों का दान करने से पुण्य मिलता है। यह परंपरा दूसरों के साथ खुशियां बांटने और जरूरतमंद लोगों की मदद करने का संदेश भी देती है। 5. भोजन और दक्षिणा का दान शरद पूर्णिमा पर जरूरतमंदों को भोजन कराना पुण्य का कार्य माना जाता है। आप अपनी क्षमता के अनुसार भोजन के साथ दक्षिणा भी दे सकते हैं। सनातन धर्म में अन्नदान को विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि अन्नदान से घर में बरकत और खुशहाली बनी रहती है। शरद पूर्णिमा पर दान करते समय रखें ध्यान इस दिन दान करते समय अपनी आर्थिक स्थिति और सामर्थ्य का ध्यान रखें। धार्मिक परंपराओं में दिखावे के बजाय श्रद्धा, विनम्रता और सेवा भाव को अधिक महत्व दिया जाता है। जरूरतमंदों की सहायता करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना ही इस परंपरा का मुख्य उद्देश्य है। कोजागरी पूजा 2026: 25 या 26 अक्तूबर कब होगी बंगाली लक्ष्मी पूजा? जानें शुभ मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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Adesh Gupta · News9 Nation के संपादक। देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का विश्लेषण और लाइव अपडेट।