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शिक्षा अलर्ट: विदेश में पढ़ाई और शोध का मौका! डीयू ने बदले नियम, कितने सीजीपीए पर होगा चयन? जानें प्रक्रिया

शिक्षा और करियर 27 अक्टू॰ 2026 · 11:38 ISTलेखक: Adesh Gupta
शिक्षा अलर्ट: विदेश में पढ़ाई और शोध का मौका! डीयू ने बदले नियम, कितने सीजीपीए पर होगा चयन? जानें प्रक्रिया

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय ने मोबिलिटी कार्यक्रम में भाग लेने वाले छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों के लिए चयन प्रक्रिया और पात्रता के नए नियम तय किए हैं। इसके तहत विभिन्न श्रेणियों के आवेदकों के लिए योग्यता, चयन समिति और मूल्यांकन के मानक निर्धारित किए गए हैं। छात्रों का चयन शैक्षणिक रिकॉर्ड, साक्षात्कार और अन्य निर्धारित मानकों के आधार पर होगा। पीएचडी शोधार्थियों के चयन में शोध प्रस्ताव और विदेशी विश्वविद्यालय से प्राप्त आमंत्रण पत्र या पेशकश की उपलब्धता को विशेष महत्व दिया जाएगा। इरास्मस कार्यक्रम विदेश में पढ़ाई, शोध और अकादमिक अनुभव हासिल करने का एक विनिमय कार्यक्रम है। आवेदन करने वाले छात्र का दिल्ली विश्वविद्यालय में पंजीकृत होना जरूरी है। छात्र के पिछले सेमेस्टर में कोई पेपर दोबारा देने की स्थिति में नहीं होना चाहिए। न्यूनतम 66.67 प्रतिशत उपस्थिति, आवश्यक भाषा दक्षता और कम से कम दो साल की वैधता वाला पासपोर्ट भी जरूरी है। सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्रों के लिए न्यूनतम 7.5 सीजीपीए निर्धारित किया गया है। वहीं, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) वर्ग के छात्रों के लिए न्यूनतम 6.5 सीजीपीए जरूरी होगा। छात्रों के चयन के मानक छात्रों के चयन में शैक्षणिक रिकॉर्ड को 50 प्रतिशत भार मिलेगा। साक्षात्कार को 30 प्रतिशत भार दिया जाएगा। उद्देश्य विवरण, संकाय की सिफारिश, विभाग में शोध एवं योगदान और उपस्थिति को पांच-पांच प्रतिशत भार मिलेगा। वहीं पीएचडी शोधार्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने अपना पाठ्यक्रम कार्य पूरा कर लिया हो। इसके अतिरिक्त अकादमिक प्रदर्शन की सिफारिश, आवश्यक भाषा दक्षता और विदेशी विश्वविद्यालय में स्वीकार्य अकादमिक योग्यता का स्वीकृति पत्र देना होगा। पीएचडी छात्रों के चयन में शोध प्रस्ताव को 40 प्रतिशत और साक्षात्कार को 30 प्रतिशत भार मिलेगा। यूजीसी-सीएसआईआर नेट या जेआरएफ को 10 प्रतिशत, विदेशी पोषक की विशेषज्ञता को 20 प्रतिशत भार दिया जाएगा। सुनिश्चित प्रक्रिया में प्रकाशित शोध पत्रों को वरीयता देने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। आवेदन से पहले किन बातों का ध्यान रखें? इरास्मस मोबिलिटी कार्यक्रम में आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए। शैक्षणिक रिकॉर्ड, उपस्थिति, भाषा दक्षता और पासपोर्ट की वैधता जैसी शर्तें पूरी करना जरूरी है। पीएचडी शोधार्थियों को अपना शोध प्रस्ताव और विदेशी विश्वविद्यालय से संबंधित दस्तावेज भी तैयार रखने होंगे। उम्मीदवारों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि छात्रों और शोधार्थियों के चयन के मानक अलग-अलग हैं। इसलिए आवेदन से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार तय नियमों को समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी में आवेदन की अंतिम तारीख और आवेदन लिंक का उल्लेख नहीं है, इसलिए इसके लिए दिल्ली विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।

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Adesh Gupta · News9 Nation के संपादक। देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का विश्लेषण और लाइव अपडेट।