33 साल पुराने गुरु से मिले पीएम मोदी: एआई स्वामी चिन्मयानंद ने कहा- श्रीखंड खाएं, ये मत कहना कि आज उपवास है

सोचिए, किसी ऐसे महान संत से आपकी बातचीत हो जाए, जो तीन दशक से भी अधिक समय पहले इस दुनिया से विदा ले चुके हों? सुनने में यह अविश्वनीय लगता है, लेकिन नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चिन्मय अमृत महोत्सव ग्लोबल समिट के दौरान ऐसा सच में हुआ। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार यानी होलोबॉट से बातचीत की। स्वामी चिन्मयानंद का 33 साल पहले निधन हो गया था, लेकिन तकनीक से तैयार उनके इस रूप को देखकर ऐसा लगा मानो वे प्रधानमंत्री के सामने मौजूद हों। स्वामी चिन्मयानंद के एआई अवतार ने क्या कहा? स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार से बातचीत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी पुरानी मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें स्वामी जी से मिलने का अवसर मिला था। पीएम मोदी ने कहा, कि मैं भाग्यशाली था कि आपसे मेरी मुलाकात हुई, और आज मैं चाहता हूं कि आप मुझे उन कार्यों के लिए आशीर्वाद दें जिन्हें मैं पूरा करना चाहता हूं। इसी के जवाब में स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार ने बातचीत के दौरान फरवरी 1993 में वडोदरा में हुई मुलाकात का जिक्र किया। उस समय नरेंद्र मोदी उन्हें शिकागो में होने वाले विश्व धर्म संसद यानी वर्ल्ड पार्लियामेंट ऑफ रिलिजन्स के शताब्दी समारोह में आमंत्रित करने गए थे। होलोग्राफिक अवतार के जरिए स्वामीजी का जवाब था कि उन्हें याद है, मोदी उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित करने आए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि वे बूढ़े हो रहे हैं और एक बूढ़ा व बीमार व्यक्ति इतनी बड़ी जिम्मेदारी नहीं उठा सकता। इसके बजाय हिंदू युवाओं को आगे आकर यह जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। होलोबॉट ने पीएम मोदी को दिया आशीर्वाद बातचीत के एआई गुरु भी भावुक हो गए और स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राफिक अवतार ने प्रधानमंत्री मोदी को आशीर्वाद दिया। उसने कहा कि मैं आपको सभी ऋषियों-मुनियों का आशीर्वाद देता हूं। अवतार ने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि सबसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति अक्सर अकेला होता है। इसके बाद उसने भक्तों की ओर से प्रधानमंत्री को प्रसाद के रूप में श्रीखंड देने की बात कही और मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि वे यह न कहें कि उस दिन उनका उपवास है। ऐसा लगा मानो 33 साल पीछे चला गया एआई अवतार से बात करने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि होलोग्राफिक प्रोजेक्शन के जरिए स्वामी चिन्मयानंद को देखना और उनसे बातचीत करना उनके लिए अनुभव था। उन्होंने कहा कि एक पल के लिए उन्हें लगा कि वे पुराने समय में लौट गए हैं। होलोग्राम तकनीक क्या है? होलोगाम एक ऐसी तकनीक हाेती है, जिसकी मदद से किसी व्यक्ति या वस्तु की 3D छवि प्रस्तुत की जा सकती है। इसे इस तरह तैयार किया जाता है कि देखने वाले को वह एकदम ऐसा लगे, जैसा की वह व्यक्ति या वस्तु सामने है। इस तरह का विजुअल तैयार करने के लिए खास प्रोजेक्शन सिस्टम और डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। जब इसमें पहले से रिकॉर्ड की गई आवाज, वीडियो और हाव-भाव शामिल किए जाते हैं, तो ऐसा लगता है कि सामने दिख रही दृश्य बोल और हिल-डुल रहा है। अगर इसे से जोड़ा जाए तो बातचीत का अनुभव और अधिक इंटरैक्टिव बनाया जा सकता है। हालांकि, किसी होलोग्राफिक अवतार का वास्तविक समय में जवाब देना इस बात पर निर्भर करता है कि उसमें कौन-सी तकनीक का इस्तेमाल हुआ है।
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Adesh Gupta · News9 Nation के संपादक। देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का विश्लेषण और लाइव अपडेट।