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ओपनएआई ने पेश किया नया GPT-6.1 Terra मॉडल: अब आधी कीमत पर डेली टास्क करने में हुआ माहिर, क्या-क्या बदला?

टेक्नोलॉजी 27 अक्टू॰ 2026 · 10:34 ISTलेखक: Adesh Gupta
ओपनएआई ने पेश किया नया GPT-6.1 Terra मॉडल: अब आधी कीमत पर डेली टास्क करने में हुआ माहिर, क्या-क्या बदला?

ओपनएआई ने अपने एआई मॉडल को GPT-6.1 टेरा में अपग्रेड कर दिया है। यह नया मॉडल तेज परफॉर्मेंस, बेहतर सटीकता और कंप्यूटर के साथ अधिक सटीक इंटरैक्शन का दावा करता है। सबसे खास बात है कि यह पिछले मॉडल की तुलना में आधे दाम पर उपलब्ध है। कहा जा रहा है कि यह रोज के वर्कप्लेस टास्क के लिए तैयार किया गया है। इसके बेंचमार्क नतीजे कोडिंग और प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर वर्कफ्लो में शानदार सुधार दिखाते हैं। ओपनएआई ने इस रिलीज के जरिए विज़ुअल रीजनिंग, सॉफ्टवेयर इंटरैक्शन और सटीकता में सुधार करते हुए स्टैंडर्ड एपीआई प्राइसिंग में 50 प्रतिशत की बड़ी कमी की है। जीपीटी-6.1 टेरा क्या है और इसे क्यों लाया गया है? ओपनएआई ने अपने मिड-रेंज एआई मॉडल टेरा को अपडेट करके जीपीटी-6.1 टेरा पेश किया है। यह जीपीटी-5.6 टेरा से आगे का वर्जन है और इसका मुख्य उद्देश्य रोज के डिजिटल कामों को आसान बनाना है। ओपनएआई के मॉडल परिवार में लूना, टेरा, सोल और एस्ट्रा जैसे मॉडल शामिल हैं। ये अलग-अलग क्षमता और लागत की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। टेरा, छोटे लूना मॉडल और ज्यादा एडवांस्ड सोल और एस्ट्रा सिस्टम के बीच आता है। पिछले महीने ओपनएआई ने सोल और एस्ट्रा मॉडल के लिए जीपीटी-6 अपडेट जारी किए थे, जबकि टेरा पिछली जनरेशन पर बना हुआ था। नए अपडेट के साथ अब टेरा को जीपीटी-6.1 पर लाया गया है। इसका खास फोकस उन डेवलपर्स पर यूजर्स पर है, जिन्हें बड़ी संख्या में दोहराए जाने वाले डिजिटल काम एआई की मदद से पूरे कराने हैं। ऐसे कामों में केवल सही जवाब देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कंप्यूटर पर कई चरणों में काम पूरा करना भी जरूरी होता है। जीपीटी-6.1 टेरा में क्या-क्या हुआ बेहतर? इन अपडेट में कंपनी ने तीन चीजों पर खास ध्यान दिया है, जिनके बारे में नीचे समझाया गया है... विजुअल रीजनिंग: स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी को समझने की क्षमता। सॉफ्टवेयर इंटरैक्शन: कंप्यूटर इंटरफेस पर क्लिक करने, टाइप करने और अलग-अलग एप्लिकेशन में काम करने की क्षमता। सटीकता: कुछ बेंचमार्क और आंतरिक टेस्ट में गलतियों की दर कम होने का दावा। इसका मतलब है कि मॉडल का काम सिर्फ टेक्स्ट तैयार करना या किसी सवाल का जवाब देने तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे ऐसे कामों के लिए भी तैयार किया गया है, जिनमें कंप्यूटर पर कई स्टेप पूरे करने पड़ते हैं। हालांकि, इन सुधारों का मतलब यह नहीं है कि मॉडल हर तरह के काम में किसी प्रकार की कोई गलती नहीं करेगा या एकदम सटीक रिजल्ट देगा। यह पूरी तरह से टास्क, सॉफ्टवेयर और इस्तेमाल के तरीके पर निर्भर कर सकता है। जीपीटी-6.1 टेरा की कीमत कितनी है? जीपीटी-6.1 टेरा की एक खासियत इसकी कम कीमत है। कंपनी के अनुसार, इसके लिए प्रति 10 लाख इनपुट टोकन पर 1 डॉलर, प्रति दस लाख आउटपुट टोकन पर पांच डॉलर और प्रति दस लाख कैश्ड इनपुट टोकन पर 0.05 डॉलर देने होंगे। इसके साथ ही कंपनी का कहना है कि इसकी स्टैंडर्ड एपीआई दरें पिछले जीपीटी-6.1 टेरा मॉडल के मुकाबले 50 प्रतिशत कम हैं। इससे उन कंपनियों और डेवलपर्स को फायदा हो सकता है, जो बार-बार होने वाले कंप्यूटर वाले कामों के लिए एआई का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, यह कीमत और चैटजीपीटी सब्सक्रिप्शन की कीमत अलग-अलग होती हैं। एपीआई के जरिए डेवलपर्स मॉडल को अपने सॉफ्टवेयर या वर्कफ्लो में जोड़ सकते हैं, जबकि चैटजीपीटी का इस्तेमाल संबंधित सब्सक्रिप्शन प्लान के तहत किया जाता है। जीपीटी-6.1 टेरा कहां उपलब्ध है? फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार, जीपीटी 6.1 टेरा को चैटजीपीटी वर्क, कोडक्स और ओपनएआई एपीआई के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। इसे चैटजीपीटी प्लस, प्रो, एंटरप्राइज और एडु सब्सक्राइबर्स के लिए भी तैयार किया गया है। हालांकि, इस प्लेटफॉर्म पर किन मॉडल का इस्तेमाल किया जा सकता है, यह संबंधित रोलआउट और उपलब्धता पर निर्भर कर सकता है। कंप्यूटर पर अपने आप काम कैसे कर सकता है एआई? जीपीटी-6.1 टेरा को ऐसे कामों के लिए डिजाइन किया गया है, जिनमें कंप्यूटर के इंटरफेस के साथ सीधे इंटरैक्शन करना पड़ता है। यह स्क्रीन पर मौजूद विजुअल जानकारी को समझकर क्लिक करना, टाइप करना और एप्लिकेशन के बीच नेविगेट करने जैसे कदम उठा सकता है। जैसे मान लीजिए, किसी कर्मचारी को अलग-अलग दस्तावेजों से जानकारी लेकर अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में भरनी हो, तो ऐसे वर्कफ्लो में मॉडल मदद कर सकता है। इसी तरह, ऑनलाइन फॉर्म भरने या बिजनेस प्रपोजल तैयार करने जैसे कामों में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके संभावित उपयोगों में इनवॉइस की जानकारी अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में डालना, ऑनलाइन फॉर्म भरना, बिजनेस प्रपोजल तैयार करना, टेक्निकल ड्रॉइंग के साथ काम करना, आर्किटेक्चरल ड्रॉइंग को 3D मॉडल में बदलना और एनिमेटेड फिल्मों के लिए टाइम-कोडेड लॉग बनाना शामिल है।

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लेखक के बारे में

Adesh Gupta · News9 Nation के संपादक। देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का विश्लेषण और लाइव अपडेट।