UPI यूजर्स के लिए अलर्ट! ब्लॉक हो जाएगा पेमेंट या घट जाएगी लिमिट, असामान्य लेनदेन पर बैंक सख्त

<p style=”text-align: justify;”><strong>UPI Payment: </strong>असामान्य लेनदेन और बढ़ते साइबर फ्रॉड को देखते हुए भारतीय बैंकों और रिजर्व बैंक (RBI) ने UPI से रिलेटेड सुरक्षा नियमों को और कड़ा कर दिया है. साथ ही लिमिट में भी सख्ती लाई है. अगर बैंक के ऑटोमेटिक रिस्क सिस्टम को आपके खाते में कोई संदिग्ध गतिविधि दिखती है, तो आपकी UPI लिमिट तुरंत घटा दी जाएगी या पेमेंट ब्लॉक कर दिया जाएगा.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बैंकों की इस तरफ से यह पुष्टि की गई है कि UPI लिमिट में अचानक आई गिरावट की वजह आम तौर पर उनके ऑटोमेटेड फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम होते हैं. कई बार गलत PIN डालना, बार-बार ट्रांजैक्शन फेल होना या खर्च करने का असामान्य तरीका जैसे कारणों से तुरंत पाबंदियां लगाई जा सकती हैं. &nbsp;ये कदम एहतियाती होते हैं, जिनका मकसद ग्राहक के खातों को तब तक सुरक्षित रखना होता है, जब तक कि उनकी गतिविधियों की सुरक्षा की पुष्टि न हो जाए.</p>
<h3>किन मामलों में दिखाई जा सकती है सख्ती?</h3>
<p><strong>अचानक बड़ा ट्रांजैक्शन-</strong> आप आमतौर पर 100-500 रुपये के बीच लेनदेन करते हैं, लेकिन एक दिन अचानक से 50000 रुपये ट्रांसफर करने की कोशिश की गई हो, तो बैंक का ऑटोमेटिक रिस्क सिस्टम अलर्ट हो जाता है.</p>
<p><strong>लोकेशन में अचानक बदलाव-</strong> एक ही दिन में दो अलग-अलग जगहों या दूर किसी शहर से ट्रांजैक्शन की कोशिश करना.</p>
<p><strong>बार-बार फेल्ड अटेम्प्ट-</strong> बार-बार गलत पिन डालने या ट्रांजैक्शन फेल होने पर सिस्टम सुरक्षा के लिए लिमिट को ब्लॉक कर देता है. हालांकि इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है. यह अस्थायी चेतावनी होती है, जो 24 घंटे में अपने आप ठीक हो जाती है या बैंक से बात करके इसे रीसेट कराया जा सकता है.&nbsp;</p>
<h3>RBI के नए सख्त नियम</h3>
<p style=”text-align: justify;”>डिजिटल फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए रिजर्व बैंक ने टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन का नया नियम लागू किया है. इसके तहत, अब ऑनलाइन या यूपीआई पेमेंट सिर्फ एक ओटीपी भरकर से पूरा नहीं होगा. इसके लिए पासवर्ड/पिन के साथ-साथ बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस स्कैनर) के वेरिफिकेशन की भी जरूरत पड़ेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सिक्योर्ड ट्रांजैक्शन के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने डेली पेमेंट लिमिट 1 लाख रुपये प्रति दिन और अधिकतम 20 ट्रांजैक्शन तय की है. कुछ वेरिफाइड यूजर्स के लिए इस लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख से 10 लाख रुपये तक कर दी गई है. UPI लाइट के लिए यह लिमिट अधिकतम 1000 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन और डेली लिमिट 10000 रुपये है.&nbsp;</p>
<p><iframe title=”UPI पर संकट? Free Payments का सच | Budget 2026 से पहले बड़ा सवाल | Paisa Live” src=”https://www.youtube.com/embed/c6UZYl-TIaI” width=”775″ height=”436″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:</strong></p>
<p class=”abp-article-title”><strong><a href=”https://www.abplive.com/business/8th-pay-commission-update-returning-to-the-old-pension-scheme-will-now-be-difficult-know-the-details-3134697″>8th Pay Commission: सरकारी कर्मचारियों को झटका! ओल्ड पेंशन स्कीम में अब लौटना होगा मुश्किल, जानें क्यों?&nbsp;</a></strong></p>

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *