<p style=”text-align: justify;”>रूस के राष्ट्रपति <a title=”व्लादिमीर पुतिन” href=”https://www.abplive.com/topic/vladimir-putin” data-type=”interlinkingkeywords”>व्लादिमीर पुतिन</a> 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार (11 सितंबर 2026) सुबह-सुबह 3 बजे भारत पहुंचे हैं. नई दिल्ली पहुंचने पर उनका भारतीय अधिकारियों की ओर से गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया. केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पालम एयरपोर्ट पर रूसी राष्ट्रपति का स्वागत किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम द्विपक्षीय बैठक होने वाली है. भारत और रूस के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर इस बातचीत में चर्चा हो सकती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>पुतिन के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी 12 सितंबर को भारत पहुंचेंगे. उनका यह भारत दौरा करीब 7 साल बाद हो रहा है. BRICS बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग के बीच भी अलग से द्विपक्षीय बातचीत तय है. दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा से जुड़े मुद्दे इस बातचीत में अहम हो सकते हैं.</p>
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<p dir=”ltr” lang=”en”>MEA Official Spokesperson Randhir Jaiswal tweets, “Warmly welcome President Vladimir Putin of Russia for the 18th BRICS Summit. He was received by MoS and Gonda MP KV Singh at the airport. India and Russia share multifaceted and longstanding ties anchored in Special and… <a href=”https://t.co/6JxIXcie5v”>pic.twitter.com/6JxIXcie5v</a></p>
— ANI (@ANI) <a href=”https://x.com/ANI/status/2098182296612597796?ref_src=twsrc%5Etfw”>September 10, 2026</a></blockquote>
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<p style=”text-align: justify;”><strong>मोदी-पुतिन बातचीत में रक्षा से लेकर ऊर्जा तक कई मुद्दे</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन की पिछली मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-रूस के राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और लोगों के बीच संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की थी. मोदी ने संघर्षों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने की बात भी कही थी. अब दिल्ली में होने वाली बातचीत में रक्षा सहयोग पर खास नजर रहेगी. ब्रह्मोस मिसाइल के संभावित अपग्रेड, रूस से S-400 की बाकी डिलीवरी और Su-57 लड़ाकू विमान से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा की संभावना है. इसके अलावा भारत में नए सिविल न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग भी बातचीत का हिस्सा हो सकता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href=”https://www.abplive.com/news/india/brics-summit-2026-india-on-de-dollarization-brics-payment-system-3187229″ target=”_blank” rel=”noopener”><strong>’लोगों में एक गलतफहमी…’, ब्रिक्स समिट 2026 से पहले क्या बोला भारत</strong></a></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पुतिन BRICS के बिजनेस फोरम में भी होंगे शामिल</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>रूसी राष्ट्रपति BRICS शिखर सम्मेलन के अलावा बिजनेस फोरम से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. वह BRICS बिजनेस फोरम के प्लेनरी सत्र को संबोधित करेंगे. भारत और रूस के बीच कारोबार, निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के रास्तों पर भी बातचीत होने की उम्मीद है. पुतिन के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ अन्य बैठकों के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी शामिल हैं. रूस के राष्ट्रपति की BRICS के दौरान दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया और मिस्र समेत कई देशों के नेताओं से बातचीत हो सकती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>BRICS Summit 2026 की सबसे बड़ी कूटनीतिक घटनाओं में प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात भी शामिल है. शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और शनिवार शाम प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> की BRICS के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ भी बातचीत होने की संभावना है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े मुद्दे इस बातचीत के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं. BRICS में ईरान के शामिल होने के बाद संगठन की भूमिका पश्चिम एशिया के मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण हो गई है. ऐसे में भारत के लिए ईरान के साथ संतुलित और रणनीतिक संबंधों पर बातचीत अहम रहेगी.</p>
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