<p style=”text-align: justify;”><strong>Buddha Quotes in Hindi: </strong>वैशाख महीने की पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती के रूप में मनाया जाता है. इसे वेसाक भी कहते हैं. इस साल बुद्ध पूर्णिमा आज शुक्रवार 1 मई 2026 को मनाई जा रही है. बुद्ध अनुयायियों के लिए वैशाख पूर्णिमा का दिन महाउत्सव की तरह होता है और इसे भारत समेत दुनियाभर में मनाया जाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>धार्मिक मान्यता अनुसार, बुद्ध के गहन चिंतन और ध्यान के बाद वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान की प्राप्ति की थी और इसी दिन महापरिनिर्वाण हुआ था. बुद्ध के ज्ञान और उपदेश से जीवन को दिशा मिलती है. बुद्ध के विचार हमेशा से ही प्रासंगिक रहे हैं. खासकर आज के तनाव, असंतोष, भ्रम और मानसिक अशांति वाले समय में बुद्ध के विचारों को जीवन में अपनाना और भी अधिक जरूरी हो जाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>बुद्ध ‘अप्प दीपो भव’ और ‘सब्बं दुःख’ जैसे कई सिद्धांत हैं जो धम्मपद और त्रिपिटक जैसे प्राचीन बौद्ध ग्रंथों से लिए गए हैं. आइए जानते हैं बुद्ध के 10 सिद्धांत जिन्होंने सदियों से समाज को एक नई दिशा दी है.</p>
<p class=”abp-article-title” style=”text-align: justify;”><strong><a href=”https://www.abplive.com/lifestyle/religion/happy-buddha-purnima-2026-sanskrit-wishes-buddha-jayanti-image-status-quotes-messages-shubhmanaye-3122574″>Happy Buddha Purnima 2026 Sanskrit Wishes: संस्कृत में दें बुद्ध पूर्णिमा की बधाई, कहें- बुद्धपूर्णिमायाः शुभाशयाः!</a></strong></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>गौतम बुद्ध के 10 सिद्धांत (Gautam Buddha top 10 Principles)</strong></p>
<ul style=”text-align: justify;”>
<li>कोई और हमें नहीं बचा सकता, हमें खुद ही उस पथ पर चलना होगा.</li>
<li>क्रोध को अ-क्रोध (प्रेम) से जीतें, बुराई को भलाई से जीतें.</li>
<li>घृणा कभी घृणा से शांत नहीं होती, बल्कि प्रेम से होती है, यही शाश्वत नियम है.</li>
<li>युद्ध में हजारों पर विजय पाने से बेहतर है कि आप स्वयं पर विजय प्राप्त करें.</li>
<li>हम वही हैं जो हम सोचते हैं. हमारी वर्तमान स्थिति हमारे पिछले विचारों का ही परिणाम है.</li>
<li>किसी बात पर केवल इसलिए विश्वास मत करो क्योंकि वह प्राचीन परंपरा है या धर्मग्रंथ में लिखी है. उसे तब मानो जब वह तर्कसंगत हो और सबका भला करे.</li>
<li>अतीत में मत उलझो, भविष्य के सपने मत देखो, अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित करो.</li>
<li>शांति भीतर से आती है, इसे बाहर मत खोजो.</li>
<li>अतीत में मत उलझो, भविष्य के सपने मत देखो, अपना ध्यान वर्तमान क्षण पर केंद्रित.</li>
<li>शांति भीतर से आती है, इसे बाहर मत खोजो.</li>
</ul>
<p><strong>अष्टांगिक मार्ग (Noble Eightfold Path)</strong></p>
<p>अष्टांगिक मार्ग दुःख निरोध गामिनी प्रतिपदा है. ये आठ मार्ग हैं-</p>
<p><strong>सम्यक् दृष्टि</strong> – सत्य और असत्य तथा सदाचार और दुराचार के विवेक द्वारा चार आर्य सत्यों की सही परख</p>
<p><strong>सम्यक् संकल्प-</strong> इच्छा तथा हिंसा से रहित संकल्प करना</p>
<p><strong>सम्यक् वाणी- </strong>इसका तात्पर्य है सदा सत्य तथा मृदु वाणी का प्रयोग करना, जो धर्मसम्मत हो.</p>
<p><strong>सम्यक् कर्म</strong>- अच्छे कर्मों में संलग्न होना</p>
<p><strong>सम्यक आजीव</strong>- विशुद्ध रूप से सदाचार पालन करके जीवन व्यतीत करना</p>
<p><strong>सम्यक् व्यायाम</strong>- विवेकपूर्ण प्रयत्न</p>
<p><strong>सम्यक् स्मृति-</strong> अपने कम के प्रति विवेक तथा सावधानी को निरंतर स्मरण रखना</p>
<p><strong>सम्यक् समाधि</strong>- चित्त की समुचित एकाग्रता.</p>
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