<p style=”text-align: justify;”><strong>Covid Steroid Side Effects : </strong>कोरोना महामारी भले ही अब काफी हद तक खत्म हो चुकी हो, लेकिन इसके असर अभी भी लोगों की सेहत पर दिखाई दे रहे हैं. अब डॉक्टरों ने एक नई और चिंताजनक समस्या को लेकर चेतावनी दी है. देशभर के ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड के दौरान यूज की गई कुछ दवाइयों, खासकर स्टेरॉयड, की वजह से लोगों में कूल्हे की हड्डी खराब होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दिल्ली में आयोजित DELHI HIP 360 Conference में देशभर के हड्डी रोग विशेषज्ञों ने बताया कि कोरोना के बाद अब बड़ी संख्या में लोग Hip Arthritis और Avascular Necrosis (AVN) जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. यह बीमारी खासतौर पर 30 से 40 साल के युवाओं में ज्यादा देखने को मिल रही है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है AVN बीमारी?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>Avascular Necrosis यानी AVN एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें कूल्हे की हड्डी तक खून की सप्लाई कम या बंद हो जाती है. जब हड्डी तक पूरा ब्लड नहीं पहुंचता तो धीरे-धीरे हड्डी कमजोर होकर खराब होने लगती है. अगर समय रहते इलाज न हो तो कूल्हे का जोड़ पूरी तरह डैमेज हो सकता है और मरीज को चलने-फिरने में दिक्कत होने लगती है. कई मामलों में स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज को Total Hip Replacement Surgery तक करवानी पड़ती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कोरोना की कौन सी दवाई बन रही खतरा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>डॉक्टरों के अनुसार कोविड महामारी के दौरान कई मरीजों को स्टेरॉयड दवाइयां दी गई थीं. इन दवाओं ने उस समय कई गंभीर मरीजों की जान बचाने में मदद की, लेकिन कुछ मामलों में लंबे समय तक या जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल से साइड इफेक्ट भी सामने आए. विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड लेने से शरीर की ब्लड वेसल्स पर असर पड़ सकता है, जिससे कूल्हे की हड्डी तक ब्लड सप्लाई प्रभावित होने लगती है. यही आगे चलकर AVN और हड्डियों के खराब होने की वजह बन सकती है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>युवाओं में तेजी से बढ़ रहे मामले</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>डॉक्टरों ने बताया कि पहले यह बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों या गंभीर चोट लगने वाले मरीजों में देखी जाती थी, लेकिन अब 30 से 40 साल की उम्र के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है जिन्हें चलने में दर्द, लंगड़ाहट, कूल्हों में जकड़न और बैठने-उठने में परेशानी हो रही है. जांच के बाद इनमें से कई मरीजों में AVN और शुरुआती Hip Arthritis पाया जा रहा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>डॉक्टरों ने क्या कहा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”> डॉक्टरों ने बताया कि कोविड के बाद युवाओं में Hip Replacement Surgery के मामलों में लगभग 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखी गई है. उनके अनुसार स्टेरॉयड उस समय जरूरी थे, लेकिन कुछ मरीजों में इनके गलत या लंबे इस्तेमाल ने कूल्हे की हड्डियों को नुकसान पहुंचाया. उन्होंने कहा कि अब कम उम्र के मरीजों में भी कूल्हे की हड्डी टूटने, जोड़ खराब होने और गंभीर गठिया जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. वहीं डॉक्टरों ने यह भी कहा कि इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं. कई लोग कमर या जांघ के दर्द को सामान्य मांसपेशियों का दर्द समझते रहते हैं. जब तक जांच कराते हैं तब तक कूल्हे की हड्डी काफी खराब हो चुकी होती है.</p>
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<p style=”text-align: justify;”><strong>किन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>अगर किसी व्यक्ति को कोविड के बाद लंबे समय तक कूल्हे या जांघ में लगातार दर्द, चलने में दिक्कत, बैठने-उठने में परेशानी, सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द, कूल्हों में जकड़न, पैरों की मूवमेंट कम होना जैसी समस्याएं हो रही हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती स्टेज में MRI जांच से बीमारी का पता लगाया जा सकता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>समय पर इलाज क्यों जरूरी?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>विशेषज्ञों के मुताबिक अगर AVN की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए तो बिना सर्जरी के भी इलाज हो सकता है. लेकिन देर होने पर हड्डी का जोड़ पूरी तरह खराब हो सकता है, जिसके बाद Hip Replacement Surgery ही आखिरी ऑप्शन बचता है.आजकल नई तकनीक, बेहतर इम्प्लांट और रोबोटिक सर्जरी की मदद से Hip Replacement पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और सफल माना जा रहा है. इसके बाद मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकते हैं. ऐसे में ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि कोविड के बाद होने वाले लगातार कूल्हे के दर्द को हल्के में न लें. बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड दवाइयों का इस्तेमाल न करें और किसी भी तरह की लगातार हड्डी या जोड़ की समस्या होने पर तुरंत विशेषज्ञ से जांच कराएं.</p>
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<p style=”text-align: justify;”><strong>Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.</strong></p>






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