<p style=”text-align: justify;”>नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में हलचल तेज है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर कई बार तंज कसा. नीट पेपर लीक की वजह से महाराष्ट्र के नागपुर में कथित तौर पर एक 18 साल की अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली थी. इस मामले पर अहम जानकारी सामने आई है. आत्महत्या करने वाली मध्य प्रदेश निवासी नीट अभ्यर्थी के परिवार को उसका एक सुसाइड नोट कुछ दिन बाद मिला, जिसमें युवती ने माता-पिता से माफी मांगते हुए कहा है कि उसमें मेडिकल प्रवेश परीक्षा में दोबारा बैठने का साहस नहीं है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सुसाइड नोट में छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि वह दोबारा होने वाली परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर लेगी. परिवार के सदस्यों के मुताबिक, आकांक्षा ने तीन मई को नीट-यूजी परीक्षा दी थी और इसके बाद वह काफी उत्साहित और आश्वस्त थी कि उसे अच्छे अंक मिलेंगे, लेकिन परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द होने से उसकी सारी उम्मीदें टूट गईं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>पीटीआई के मुताबिक, नोट में लिखा है, ‘मम्मी, पापा… आपको मुझ पर भरोसा था कि मैं पढ़ाई करके डॉक्टर बनूंगी. लेकिन अब मुझमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है. पहली परीक्षा में मुझे अच्छे अंक लाने का भरोसा था, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि मुझे दोबारा अच्छे अंक मिलेंगे. मम्मी, पापा, मुझे माफ कर देना, मैंने आप दोनों के लिए सब कुछ बर्बाद कर दिया है.'</p>
<p><iframe title=”58 MLA बागी… फिर भी नहीं झुकीं ममता! बागियों पर महुआ का हमला! |ABPLIVE” src=”https://www.youtube.com/embed/821fm-1kLas” width=”756″ height=”425″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”>राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बाद नीट-यूजी, 2026 को रद्द कर दिया था. इसके बाद 21 जून को पुनर्परीक्षा निर्धारित की गई. लगभग 23 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था. मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की निवासी आकांक्षा नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी. परीक्षा रद्द होने की घोषणा के एक सप्ताह बाद, आकांक्षा का शव 20 मई को नागपुर स्थित उसके घर के कमरे में फंदे से लटकता पाया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>परिवार के मुताबिक, आकांक्षा की मौत से वे सदमे में थे. कुछ दिनों बाद, जब वे उसकी किताबें और अध्ययन सामग्री देख रहे थे, तो उन्हें उसका हाथ से लिखा हुआ एक नोट मिला, जिसे उन्होंने एक जून को अंबाजरी पुलिस थाने में जमा करा दिया. पुलिस उपायुक्त (जोन 2) नित्यानंद झा ने बताया कि उन्हें कथित सुसाइड नोट मिल गया है, जो अब जांच का हिस्सा है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इनपुट – पीटीआई</p>
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