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शरद पूर्णिमा 2026: कल रात होगी अमृत वर्षा, खीर से लेकर अगरबत्ती तक करें ये 10 काम, दूर होंगे सारे कष्ट

धर्म और अध्यात्म 24 अक्टू॰ 2026 · 11:46 ISTलेखक: Adesh Gupta
शरद पूर्णिमा 2026: कल रात होगी अमृत वर्षा, खीर से लेकर अगरबत्ती तक करें ये 10 काम, दूर होंगे सारे कष्ट

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी पूरी सोलह कलाओं से खिल उठता है। इस रात की दूधिया चांदनी न केवल सबसे चमकदार होती है, बल्कि अपने साथ आरोग्यता और शीतलता भी लाती है। इसे 'कोजागरी पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है और पश्चिमी दुनिया में इसे 'ब्लू मून' की संज्ञा दी जाती है। चातुर्मास के अंतिम चरण में पड़ने वाली इस पूर्णिमा से ही हल्की-हल्की ठंड की दस्तक शुरू हो जाती है। यदि आप इस पावन रात महालक्ष्मी, चंद्र देव और प्रभु की कृपा पाना चाहते हैं, तो इन 10 खास कार्यों को अवश्य करें- कोजागरी पूजा 2026: 25 या 26 अक्तूबर कब होगी बंगाली लक्ष्मी पूजा? जानें शुभ मुहूर्त, विधि और धार्मिक महत्व 1. अमृतमयी खीर का प्रसाद शरद पूर्णिमा की रात चावल, दूध और मखाने की खीर बनाकर खुले आसमान के नीचे चांदनी में रखी जाती है। माना जाता है कि इस रात चांद से अमृत की बूंदें बरसती हैं, जो खीर को औषधीय गुणों से भर देती हैं। अगले दिन इसे प्रसाद के रूप में बांटकर ग्रहण करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है। 2. रात्रि जागरण और हरि भजन इस रात सोए रहने के बजाय जागरण करने का विशेष महत्व है। 'को जाग्रति' (कौन जाग रहा है) की भावना के साथ रात भर मां लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण के भजनों का आनंद लें। इससे मन शांत होता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 3. मां लक्ष्मी की विशेष करुणा मान्यता है कि इस पावन तिथि पर धन की देवी मां लक्ष्मी स्वयं पृथ्वी लोक का भ्रमण करती हैं। जो भक्त इस रात श्रद्धापूर्वक जागकर उनका ध्यान और पूजन करते हैं, उनके घर में कभी दरिद्रता प्रवेश नहीं करती। 4. चंद्र देव और देव पूजन शरद पूर्णिमा पर केवल मां लक्ष्मी ही नहीं, बल्कि चंद्र देव, भगवान शिव, श्रीहरि कृष्ण और धनकुबेर की आराधना भी की जाती है। इस रात चंद्र देव को जल और दूध का अर्घ्य देने से पूरे वर्ष धन और वैभव का आशीर्वाद मिलता है। 5. हनुमान जी की विशेष कृपा संकटमोचन हनुमान जी का आशीर्वाद पाने के लिए शरद पूर्णिमा की रात उनके समक्ष चौमुखी (चार बत्तियों वाला) मिट्टी का दीपक जलाएं। उसमें शुद्ध घी या तेल भरकर अर्पित करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं। 6. चंद्रदोष निवारण और आरोग्य लाभ कुंडली में चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चांदी के बर्तन में रखा दूध चंद्रमा की किरणों में रखें। बाद में इसे भगवान को भोग लगाकर स्वयं ग्रहण करें। इससे मानसिक तनाव और चंद्रदोष खत्म होता है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। 7. चंद्र ग्रहण दोष से मुक्ति का महाउपाय यदि आपकी कुंडली में चंद्र ग्रहण का प्रभाव है, तो इस दिन दूध, चावल या सफेद वस्तुओं का दिल खोलकर दान करें। इसके अलावा, अपने सिर से 6 नारियल उबारकर (वारकर) किसी पवित्र बहती नदी में प्रवाहित करने से इस दोष से मुक्ति मिलती है। 8. पीपल पूजन से धन वर्षा शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक पूर्णिमा को पीपल के वृक्ष में मां लक्ष्मी का वास होता है। सुबह स्नान के बाद पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और कोई मीठी वस्तु अर्पित करें। इससे बंद रास्ते खुलते हैं और समृद्धि आती है। 9. दाम्पत्य जीवन में मिठास अगर वैवाहिक जीवन में तनाव रहता है, तो पति-पत्नी को साथ मिलकर शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा को दूध मिश्रित जल का अर्घ्य देना चाहिए। ऐसा करने से आपसी प्रेम और मिठास सदा बनी रहती है। 10. स्थाई सुख-समृद्धि का मार्ग घर में सुख, शांति और ऐश्वर्य के स्थाई निवास के लिए किसी भी विष्णु-लक्ष्मी मंदिर में जाकर उत्तम इत्र और सुगंधित अगरबत्ती भेंट करें। फिर देवी लक्ष्मी से अपने घर में सदा वास करने की प्रार्थना करें। - शैली प्रकाश करवा चौथ 2026: क्या सोलह श्रृंगार के बिना अधूरा रहता है व्रत? जानें क्या कहती हैं मान्यताएं डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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Adesh Gupta · News9 Nation के संपादक। देश-दुनिया की ताज़ा खबरों का विश्लेषण और लाइव अपडेट।