<p style=”text-align: justify;”>अफ्रीकी देश नाइजर के सहारा रेगिस्तान में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. रेगिस्तान के बीच एक ट्रक खराब हो जाने के कारण उसमें सवार 49 लोगों की प्यास से मौत हो गई. चारों तरफ फैली रेत, भीषण गर्मी और पानी की एक बूंद तक न मिलने के कारण यह सफर लोगों के लिए मौत का सफर बन गया. हालांकि दो लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे और पूरी घटना की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचाई.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह सभी लोग माली में एक मुस्लिम धार्मिक त्योहार में शामिल होने के बाद वापस लौट रहे थे. यात्रा के दौरान उनका ट्रक सहारा रेगिस्तान के एक सुनसान इलाके में खराब हो गया. ट्रक खराब होने के बाद यात्री और चालक काफी देर तक उसे ठीक करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/Cr8D__MFy8c?si=qxW3TbmZEgsM1wh6″ width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
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<p style=”text-align: justify;”><strong>49 लोगों की जान चली गई</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>यह घटना आगाडेज प्रांत के अस्समाका क्षेत्र के पश्चिम में करीब 80 किलोमीटर दूर हुई. अस्समाका नाइजर और अलजीरीया की सीमा के पास स्थित एक महत्वपूर्ण सीमा चौकी है और यह माली की सीमा के भी करीब है. स्थानीय प्रशासन के अनुसार ट्रक में मौजूद लोगों के पास मौजूद पानी धीरे-धीरे खत्म हो गया. रेगिस्तान की तेज गर्मी और कठिन परिस्थितियों में बिना पानी के लंबे समय तक टिक पाना संभव नहीं था. सहायता मिलने की कोई उम्मीद भी नहीं थी, क्योंकि यह इलाका बेहद दूर-दराज और सुनसान है. इसी कारण एक-एक कर 49 लोगों की जान चली गई.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>सहारा रेगिस्तान बेहद खतरनाक</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>सरकार ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को सामूहिक कब्रों में दफनाया गया. वहीं दो लोग किसी तरह हिम्मत जुटाकर पैदल निकल पड़े. उन्होंने 50 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल तय की, रास्ते में पानी मिला और बाद में वे अस्समाका पहुंच गए. वहां पहुंचकर उन्होंने अधिकारियों को पूरे हादसे की जानकारी दी. यह इलाका उन प्रवासियों और यात्रियों के लिए भी जाना जाता है जो अफ्रीका के विभिन्न देशों से यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं. सहारा रेगिस्तान का यह मार्ग बेहद खतरनाक माना जाता है. इससे पहले भी कई लोग रास्ता भटकने, पानी खत्म होने, भूख और अत्यधिक गर्मी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.</p>
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