Shabbir Ahmed Shah: जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह 30 साल पुराने मामले में गिरफ्तार, NIA का बड़ा एक्शन

<p style=”text-align: justify;”>जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह को एक पुराने मामले में (National Investigation Agency) NIA ने शुक्रवार (17 अप्रैल 2026) की शाम गिरफ्तार कर लिया गया. यह कार्रवाई 30 साल पुराने मामले से जुड़ी है. एनआईए की श्रीनगर शाखा ने शब्बीर शाह को गिरफ्तार किया और फिर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट से तीन दिनों की ट्रांजिट रिमांड ली. इसके बाद उन्हें जम्मू-कश्मीर ले जाया गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह गिरफ्तारी 1996 में पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के मामले में की गई है, जिसमें शब्बीर शाह पर आरोप हैं. गौर करने वाली बात यह है कि शब्बीर शाह को इसी साल मार्च महीने में एनआईए के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी. इसके अलावा, 28 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें ईडी के एक मामले में भी जमानत दी थी. यानी हाल ही में जमानत मिलने के बाद अब उन्हें एक पुराने केस में फिर से गिरफ्तार किया गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”YouTube video player” src=”https://www.youtube.com/embed/hLydsDqCD9g?si=5NziNWtqrpKpOwV_” width=”560″ height=”315″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href=”https://www.abplive.com/news/india/pm-modi-slams-opposition-congress-over-opposing-women-reservation-bill-in-cabinet-meeting-amit-shah-kiren-rijiju-sonia-gandhi-rahul-gandhi-akhilesh-yadav-ann-3117036#google_vignette” target=”_blank” rel=”noopener”><strong>’ये हमारी हार नहीं, महिलाओं के अधिकार का विरोध’, महिला आरक्षण बिल पर कैबिनेट बैठक में बोले PM मोदी</strong></a></p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>जम्मू-कश्मीर की राजनीति में पुराना नाम</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शब्बीर अहमद शाह जम्मू-कश्मीर की राजनीति में एक जाना-पहचाना और काफी विवादों में रहने वाला नाम है. उन्हें लंबे समय से अलगाववादी नेता के तौर पर देखा जाता है. कश्मीर के मुद्दे पर उनकी सोच और गतिविधियों की वजह से वे हमेशा चर्चा में रहे हैं. शब्बीर अहमद शाह का जन्म साल 1953 में जम्मू-कश्मीर में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव राजनीति की तरफ था. जैसे-जैसे वे बड़े हुए, उन्होंने कश्मीर के मुद्दों को समझना शुरू किया और धीरे-धीरे अलगाववादी सोच से जुड़ गए. उनका मानना था कि कश्मीर के लोगों को अपने भविष्य का फैसला खुद करने का अधिकार होना चाहिए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>संगठन और शब्बीर अहमद की भूमिका</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>शब्बीर शाह ने डेमोक्रेटिक फ्रीडम पार्टी नाम का एक संगठन बनाया. यह संगठन कश्मीर में अलगाववादी विचारों को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है. इस पार्टी के जरिए उन्होंने अपने विचार लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की और कई सालों तक सक्रिय भूमिका निभाई.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href=”https://www.abplive.com/news/india/women-reservation-bill-why-cannot-be-implemented-in-existing-house-of-543-explained-obc-quota-opposition-modi-sarkar-amit-shah-akhilesh-yadav-rahul-gandhi-3116986″ target=”_blank” rel=”noopener”><strong>Women Reservation Bill: लोकसभा की 543 सीटों में क्यों नहीं लागू हो सकता महिला आरक्षण, सरकार और विपक्ष के क्या हैं दावे?</strong></a></p>

Share it :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Get free tips and resources right in your inbox, along with 10,000+ others

Categories

Latest Post