<p style=”text-align: justify;”>आज 11 सितंबर, शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान भारी बिकवाली देखी गई, जिससे हड़कंप मच गया. कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 742 अंक तक टूटकर 74,160.80 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 250 से अधिक अंक फिसलकर 23,231 पर पहुंच गया.</p>
<p style=”text-align: justify;”>कारोबार शुरू होने के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 742 अंक तक टूटकर 74,160.80 के निचले स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी 250 से अधिक अंक फिसलकर 23,231 पर पहुंच गया. चंद मिनटों में आई इस गिरावट के चलते निवेशकों के देखते ही देखते 6 लाख करोड़ रुपये डूब गए.</p>
<p style=”text-align: justify;”>हालांकि, शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट के बाद बाजार ने अपनी दमदार वापसी की. सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से 200 अंक से अधिक रिकवरी की, जबकि निफ्टी भी सुधरकर 23,300 के स्तर के करीब पहुंच गया. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>बाजार को किसने दिया सहारा?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>शेयर बाजार में गिरावट के बाद निचले स्तरों से ‘वैल्यू बाइंग’ (सस्ते शेयरों की खरीदारी) देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 200 अंक ऊपर चढ़ गया और निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक रूप से अहम 23,250 के स्तर को फिर से हासिल करने में कामयाब रहा. इसे आज आईटी शेयरों का सहारा मिला.</p>
<p style=”text-align: justify;”>ट्रेडिंग के दौरान टीसीएस, इन्फोसिस और विप्रो जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के शेयरों में निचले स्तरों पर आई खरीदारी से सूचकांकों का नुकसान काफी कम हो गया. मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 23,200 से 23,250 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण और एक मजबूत सपोर्ट जोन है. निफ्टी जैसे ही इस मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचा, वहां शॉर्ट-कवरिंग और मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को और नीचे गिरने से रोक दिया. </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>बाजार में आज क्यों आई गिरावट?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>क्रूड ऑयल की कीमतों में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोतरी से बाजार में डर का माहौल है. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा यमन के मोखा बंदरगाह (Port of Mocha) पर कब्जा करने और रेड सी रूट पर बढ़ते तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है. चूंकि भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है इसलिए क्रूड महंगा होने से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई और चालू खाता घाटे (CAD) का बड़ा जोखिम पैदा हो जाता है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मिडिल ईस्ट में तनाव का असर पूरी दुनिया के बाजारों में देखा गया. एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई. जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सुबह 1.5% से अधिक टूट गए. ग्लोबल मार्केट से मिले इन्हीं खराब संकेतों का असर आज भारतीय शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में देखने को मिला. </p>
<p style=”text-align: justify;”><iframe title=”Indian Market में गिरावट, FII कर रहे हैं धड़ाधड़ BUYING! क्या कोई Big Rally आने वाली है?| Paisa Live” src=”https://www.youtube.com/embed/amcIGqnXTIs” width=”824″ height=”463″ frameborder=”0″ allowfullscreen=”allowfullscreen”></iframe></p>
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