जेलों में बंद कैदियों के लिए एक नई शैक्षिक पहल, ‘तिनका जेल पाठशाला’ की हुई शुरुआत

<p style=”text-align: justify;”><strong>Tinka Jail Pathshala:</strong> तिनका तिनका फाउंडेशन ने जेलों में बंद कैदियों के लिए एक नई और अनोखी शैक्षिक पहल &lsquo;तिनका जेल पाठशाला&rsquo; शुरू की है, जिसका उद्देश्य कैदियों के खाली समय को शिक्षा, ज्ञान और सकारात्मक गतिविधियों से भरना है. इस पहल के तहत कैदियों को हिंदी और अंग्रेजी में रिकॉर्ड की गई मास्टर क्लास उपलब्ध कराई जाएगी, जो जेल-अनुमोदित प्रणालियों के जरिए पहुंचाई जाएंगी. इस कार्यक्रम का उद्घाटन K. G. Suresh ने किया, जो India Habitat Centre के निदेशक हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस पहल की प्रमुख डॉक्टर वर्तिका नंदा के अनुसार, पाठशाला का मकसद कैदियों को ऐसी उपयोगी और व्यावहारिक शिक्षा देना है, जिसे वे अपने दैनिक जीवन, परीक्षा की तैयारी और आत्म-विकास में इस्तेमाल कर सकें.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्यों जरूरी है &lsquo;तिनका जेल पाठशाला&rsquo;?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>जेल रेडियो चलाने के अनुभव के दौरान यह पाया गया कि कैदियों के पास उपलब्ध शैक्षिक सामग्री सीमित और अक्सर उनकी जरूरतों से अलग होती है. कई कैदी पढ़ाई करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें व्यवस्थित और आधुनिक शिक्षण सामग्री नहीं मिल पाती. इसी कमी को दूर करने के लिए इस पाठशाला को नए रूप में शुरू किया गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या-क्या सिखाया जाएगा?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>इस कार्यक्रम की सामग्री सिर्फ औपचारिक पढ़ाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें शामिल होंगे:</p>
<p style=”text-align: justify;”>सामान्य ज्ञान और शिक्षा<br />मानसिक स्वास्थ्य और समय प्रबंधन<br />नशामुक्ति और आत्म-सहायता<br />व्यक्तित्व विकास और जीवन कौशल<br />संगीत, प्रेरणादायक कहानियां और नए कौशल</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह पूरा मॉडल &ldquo;सूचित करें, शिक्षित करें और मनोरंजन करें&rdquo; के सिद्धांत पर आधारित है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>कैसे काम करेगी यह पहल?</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>छोटे और आसान सत्रों में पाठ तैयार होंगे<br />जेल अधिकारियों और जेल रेडियो के जरिए प्रसारण होगा<br />यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर भी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी<br />जेलों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर विषयों का विस्तार किया जाएगा</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस पहल का प्रोडक्शन सेंटर District Jail Dehradun को बनाया गया है, जहां से शुरुआती एपिसोड तैयार होंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>पृष्ठभूमि</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>तिनका तिनका फाउंडेशन पहले से ही जेल रेडियो और पॉडकास्ट जैसे प्रोजेक्ट्स चला रहा है. 2019 में District Jail Agra से जेल रेडियो की शुरुआत हुई थी, जो आगे चलकर एक बड़े जनसेवा मॉडल में विकसित हुआ. &lsquo;तिनका जेल पाठशाला&rsquo; सिर्फ एक शैक्षिक प्रोग्राम नहीं है, बल्कि यह कैदियों को समाज की मुख्यधारा में वापस लाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और जीवन को नई दिशा देने की एक गंभीर कोशिश है.</p>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”ये भी पढ़ें: तिनका तिनका मध्य प्रदेश- जेलों में रौशनी लाने की अलख” href=”https://www.abplive.com/blog/tinka-tinka-madhya-pradesh-try-for-hope-of-light-prisoner-life-abpp-2813624″ target=”_self”>ये भी पढ़ें: तिनका तिनका मध्य प्रदेश- जेलों में रौशनी लाने की अलख</a></p>

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