26 साल पुराने केस में तीस हजारी कोर्ट ने सुनाई सजा, CBI अफसर समेत दो अन्य को भेजा जेल

<p style=”text-align: justify;”><strong>Tis Hazari Court Verdict:</strong> दिल्ली में पूर्व आईआरएस अफसर से मारपीट मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सजा सुनाई. यह केस 26 साल पुराना है. सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रमनीश और रिटायर्ड ACP विवेक पांडे को पूर्व IRS ऑफिसर अशोक अग्रवाल की तरफ से दायर केस में सजा सुनाई है.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>कोर्ट ने अपने फैसले को चैलेंज करने को लेकर बेल दी है. यह केस साल 2000 में पूर्व IRS ऑफिसर अशोक अग्रवाल की शिकायत पर फाइल किया गया था.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>क्या है पूरा मामला</strong><br />यह मामला अक्टूबर 2000 में एक आईआरएस अधिकारी की गिरफ्तारी और छापेमारी से जुड़ा है. कोर्ट ने 18 अप्रैल को ही दोनों अधिकारियों को मारपीट और आपराधिक अतिक्रमण के आरोपों में दोषी ठहराया था. इसके बाद मंगलवार को सजा पर सुनवाई हुई, इसमें दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>शिकायतकर्ता के वकील ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की&nbsp;</strong><br />तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता के वकील ने कड़ी सजा की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित को 38 दिन तक जेल में रहना पड़ा था.&nbsp;</p>
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<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने यह भी कहा कि अदालत खुद मान चुकी है कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया. वकील ने तर्क दिया किशिकायतकर्ता ने 26 साल तक न्याय का इंतजार किया है. इसलिए दोषियों को अधिकतम सजा और उचित मुआवजा मिलना चाहिए.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>बचाव पक्ष के वकील ने तीस हजारी कोर्ट से मांगी राहत&nbsp;</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं बचाव पक्ष के वकील ने सजा में राहत की अपील की. उनका कहना था कि दोनों अधिकारी अपनी मर्जी से कार्रवाई करने नहीं गए थे. बल्कि ड्यूटी के तहत वहां पहुंचे थे. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों का शिकायतकर्ता से कोई निजी विवाद नहीं था और उन्होंने लंबे समय तक ट्रायल और विभागीय जांच का सामना किया है. वकील ने अदालत से मानवीय आधार पर सजा कम करने या माफ करने की गुहार लगाई.</p>
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