Gen Z को लेकर इस राज्य के CM का बड़ा ऐलान, चुनाव लड़ने की उम्र घटाने का प्रस्ताव लाएगी सरकार

<p style=”text-align: justify;”>तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को घोषणा की कि अगस्त के पहले हफ़्ते में राज्य विधानसभा का एक विशेष सत्र बुलाया जाएगा. इस सत्र में एक प्रस्ताव पास किया जाएगा, जिसमें मांग की जाएगी कि विधानसभा और संसद का चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम उम्र घटाकर 21 साल कर दी जाए.&nbsp;</p>
<p style=”text-align: justify;”>यह घोषणा उन्होंने उन युवा प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए की जो NEET-UG 2026 परीक्षा विवाद को लेकर जवाबदेही की मांग कर रहे थे, इस विवाद के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>25 से घटाकर 21 साल उम्र करने की मांग</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>CM ने घोषणा की कि विधानसभा प्रस्ताव में राज्य विधानसभाओं और संसद दोनों के लिए चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 25 से घटाकर 21 साल करने की मांग की जाएगी. उन्होंने तर्क दिया कि जो युवा 21 साल की उम्र में IAS, IPS और IFS अधिकारी बन सकते हैं, उन्हें MLA और MP बनने के लिए भी योग्य होना चाहिए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>रेवंत रेड्डी ने जर्मनी-सिंगापुर का दिय उदाहरण</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>जर्मनी, ग्रेट ब्रिटेन और सिंगापुर का उदाहरण देते हुए, जहां 18-21 साल के युवा देश के प्रमुख बन सकते हैं, रेवंत रेड्डी ने सवाल किया कि भारत उसी रास्ते पर क्यों नहीं चल सकता. उन्होंने कहा कि भविष्य में जब राहुल गांधी के नेतृत्व में सरकार बनेगी, तो वे शिक्षा सहित अहम मंत्रालयों में युवाओं की भागीदारी पक्की करेंगे.</p>
<p style=”text-align: justify;”>मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि युवाओं को अपनी आवाज दुनिया तक पहुंचाने के लिए सड़कों से संसद तक पहुंचना होगा और उन्होंने ‘इंडिया अलायंस’ के नेताओं और सभी राजनीतिक दलों के साथ इस पर चर्चा करने का वादा किया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><strong>’शिक्षा मंत्री का इस्तीफा आंदोलन की जीत'</strong></p>
<p style=”text-align: justify;”>छात्र प्रदर्शनकारियों की एक सभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि शिक्षा मंत्री का इस्तीफ़ा युवा आंदोलन की जीत थी, लेकिन लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान लाखों छात्रों के ख़िलाफ़ दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए हैं, और परीक्षा के तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को न तो कोई मुआवजा मिला है और न ही प्रधानमंत्री <a title=”नरेंद्र मोदी” href=”https://www.abplive.com/topic/narendra-modi” data-type=”interlinkingkeywords”>नरेंद्र मोदी</a> से मिलने का मौका.</p>
<p style=”text-align: justify;”>रेवंत रेड्डी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल और संसद में तेलंगाना के सभी चुने हुए प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे आने वाले सत्र में इन मुद्दों को मज़बूती से उठाएं. उन्होंने मांग की कि छात्र प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ सभी मामले वापस लिए जाएं और NEET विवाद के दौरान अपने बच्चों को खोने वाले परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाए.</p>
<p style=”text-align: justify;”><a title=”&lt;strong&gt;धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, जानें किसे मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?&lt;/strong&gt;” href=”https://www.abplive.com/news/india/pralhad-joshi-appointed-as-new-education-minister-after-dharmendra-pradhan-resign-3165689″ target=”_self”><strong>धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर, जानें किसे मिली शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी?</strong></a></p>

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